रसोई गैस संकट : जींद में गरीब की थाली से गायब हो गई रोटी
महिला स्वयं सहायता समूह चलाता है कैंटीन, नहीं मिल रहा कमर्शियल सिलेंडर

सत्य खबर हरियाणा
LPG Crisis : एक तरफ तो जिला प्रशासन इस बात का दावा करता है कि जींद जिले में रसोई गैस की कोई कीमत नहीं है लेकिन दूसरी ओर जींद में गरीब आदमी की थाली से रोटी गायब हो गई है।
प्रदेश के श्रम विभाग ने जींद कोर्ट ने गरीबों के खाने के लिए दीनदयाल अंत्योदय योजना के अंतर्गत पारस स्वयं सहायता समूह को कैंटीन चलाने की अनुमति दी थी। इस योजना के अंतर्गत यहां कैंटीन में 10 रुपए में गरीब व्यक्ति को भोजन करवाया जाता है। 13 मार्च को यहां पर सिलेंडर खत्म हो गया और उसके बाद समूह को सिलेंडर मिला ही नहीं। 14 मार्च को कैंटीन बंद रखी गई लेकिन आज कैंटीन तो खोली लेकिन यहां गरीब की थाली से रोटी गायब हो गई।
पारस स्वयं सहायता समूह की प्रधान कमलजीत और नीलम देवी, सुमित्रा, मीना, पूनम, शीला, आशु आदि ने बताया कि उन्होंने इस बारे में पहले भी शिकायत की थी लेकिन उनकी समस्या का कोई समाधान नहीं हुआ तो आज दोबारा से वह अपनी शिकायत लेकर उपायुक्त के पास पहुंचे। उपायुक्त ने उन्हें समस्या के समाधान का आश्वासन दिया है।
बता दें कि कोर्ट में आने वाले गरीब लोग भी यहां पर अक्सर भोजन करते हैं। पारस स्वयं सहायता समूह की महिलाएं इस कैंटीन के सहारे अपना जीवन यापन करती हैं। यहां पर करीब 300 लोग और कई बार उससे ज्यादा भी भोजन करते हैं।
स्वयं सहायता समूह की प्रधान कमलजीत ने बताया कि उनके पास वाणिज्यिक प्रयोग में आने वाले 19 किलो का सिलेंडर है और वर्तमान में यह सिलेंडर उपलब्ध नहीं है, इस कारण उन्होंने चावल और कढ़ी का इंतजाम किया है। उन्होंने बताया कि इस कैंटीन के पीछे की तरफ चूल्हा जलाकर चावल और कढ़ी तैयार की गई। चूल्हे में लकड़ियां जलाई गई थी।
रोटी नहीं मिलती

भिवानी रोड निवासी गुरमीत ने बताया कि वह मजदूरी का काम करता है और वर्तमान में वह जींद के नागरिक अस्पताल में मजदूरी कर रहा है। उसने कहा कि वह अक्सर यहां आकर भोजन करता है लेकिन पिछले तीन दिनों से यहां पर रोटी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में उन्हें केवल चावल खाकर अपना पेट भरना पड़ रहा है।
केवल मिल रहे कढ़ी चावल

एक अन्य मजदूर संजय ने बताया कि वह भी दिन में यहीं आकर रोटी खाता है लेकिन अब केवल चावल मिल रहे हैं। उसने बताया कि पहले दाल और चावल के साथ एक सब्जी और रोटी भी मिलती थी लेकिन अब केवल चावल और कढ़ी या चावल और दाल ही मिल रहा है। उसने कहा कि प्रशासन को यहां पर सिलेंडर की व्यवस्था सुचारू करवानी चाहिए।
अधिकारी ने नहीं उठाया फोन
इस मामले में जिला खाद्य एवं आपूर्ति अधिकारी राजेश आर्य को उनके मोबाइल नंबर 8059537556 पर कई बार फोन किया गया, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। बाद में उनके इसी नंबर पर व्हाट्सएप मैसेज भी छोड़ गया लेकिन उसका भी कोई जवाब नहीं आया।